01-11-2026 प्रात:मुरली ओम् शान्ति 05.03.2012 "बापदादा" मधुबन
अब चारों ओर दु:ख
अशान्ति बढ़ रही है इसलिए अपने विश्व कल्याणी स्वरूप को प्रत्यक्ष करो, मन्सा सेवा
बढ़ाओ, बाप के संग के रंग से डबल होली बनो
वरदान:-
स्वयं पर
बापदादा को कुर्बान कराने वाले त्यागमूर्त, निश्चयबुद्धि भव
“बाप मिला सब कुछ मिला''
इस खुमारी वा नशे में सब कुछ त्याग करने वाले ज्ञान स्वरूप, निश्चयबुद्धि बच्चे बाप
द्वारा जब खुशी, शान्ति, शक्ति वा सुख की अनुभूति करते हैं तो लोकलाज की भी परवाह न
कर, सदा कदम आगे बढ़ाते रहते हैं। उन्हें दुनिया का सब कुछ तुच्छ, असार अनुभव होता
है। ऐसे त्याग मूर्त, निश्चयबुद्धि बच्चों पर बापदादा अपनी सर्व सम्पत्ति सहित
कुर्बान जाते हैं। जैसे बच्चे संकल्प करते बाबा हम आपके हैं तो बाबा भी कहते कि जो
बाप का सो आपका।
स्लोगन:-
सहजयोगी वह हैं जो अपने हर संकल्प व कर्म से बाप के स्नेह का वायब्रेशन फैलाते हैं।
ये अव्यक्त इशारे -
ब्रह्मा बाप समान सम्पन्न और सम्पूर्ण स्थिति का अनुभव करो
आप सभी ब्राह्मण
आत्माओं ने जन्म लेते ही यह व्रत लिया है कि हमें बाप समान सम्पन्न और सम्पूर्ण बनना
है। जैसे सभी एवररेडी शब्द बोलते हो ऐसे सम्पन्न और सम्पूर्ण बनने में एवररेडी बनो,
इसमें अलबेलापन न आये।