02-08-2026     प्रात:मुरली  ओम् शान्ति 17.02.2011 "बापदादा"    मधुबन


“मन्सा सेवा द्वारा आत्माओं को अंचली देने की सेवा करते, बहुतकाल से तीव्र पुरुषार्थ कर एवररेडी रहो तो माला का मणका बन जायेंगे''


वरदान:-
बुद्धि रूपी पांव मर्यादा की लकीर के अन्दर रखने वाले सर्व प्राप्ति सम्पन्न शक्तिशाली भव

जो बच्चे बुद्धि रूपी पांव जरा भी मर्यादा की लकीर से बाहर नहीं निकालते वे लक्की और लवली बन जाते हैं। उन्हें कभी कोई भी विघ्न अथवा तूफान, परेशानी, उदासी आ नहीं सकती। यदि आती है तो समझना चाहिए कि जरूर बुद्धि रूपी पांव मर्यादा की लकीर से बाहर निकाला है। लकीर से बाहर निकलना अर्थात् फकीर बनना इसलिए कभी फकीर अर्थात् मांगने वाले नहीं, सर्व प्राप्ति सम्पन्न शक्तिशाली बनो।

स्लोगन:-
जो सदा न्यारे और बाप के प्यारे हैं वह सेफ रहते हैं।

ये अव्यक्त इशारे - अपवित्रता के बीज को भी समाप्त कर सम्पूर्ण स्वच्छ (पवित्र) बनो

दृढ़ता सफलता की चाबी है। सफलता आप बच्चों का जन्म सिद्ध अधिकार है, इसलिए दृढ़ता को यूज़ करो, अलबेले नहीं बनो, हो जायेगा, कर लेंगे.. यह नहीं सोचो। दृढ़ संकल्प से मन के व्यर्थ संकल्पों को समाप्त कर विजयी बनो।