04-01-2026     प्रात:मुरली  ओम् शान्ति 30.11.2008 "बापदादा"    मधुबन


फुलस्टॉप लगाकर, सम्पूर्ण पवित्रता की धारणा कर, मनसा सकाश द्वारा सुख-शान्ति की अंचली देने की सेवा करो


वरदान:-
चेकिंग करने की विशेषता को अपना निजी संस्कार बनाने वाले महान आत्मा भव

जो भी संकल्प करो, बोल बोलो, कर्म करो, सम्बन्ध वा सम्पर्क में आओ सिर्फ यह चेकिंग करो कि यह बाप समान है! पहले मिलाओ फिर प्रैक्टिकल में लाओ। जैसे स्थूल में भी कई आत्माओं के संस्कार होते हैं, पहले चेक करेंगे फिर स्वीकार करेंगे। ऐसे आप महान पवित्र आत्मायें हो, तो चेकिंग की मशीनरी तेज करो। इसे अपना निजी संस्कार बना दो - यही सबसे बड़ी महानता है।

स्लोगन:-
सम्पूर्ण पवित्र और योगी बनना ही स्नेह का रिटर्न देना है।

अव्यक्त इशारे - इस अव्यक्ति मास में बन्धनमुक्त रह जीवनमुक्त स्थिति का अनुभव करो

अभी जो भी परिस्थितियां आ रही हैं या आने वाली हैं, प्रकृति के पांचों ही तत्व अच्छी तरह से हिलाने की कोशिश करेंगे परन्तु जीवनमुक्त विदेही अवस्था की अभ्यासी आत्मा अचल-अडोल पास विद आनर होकर सब बातें सहज पास कर लेगी इसलिए निरन्तर कर्मयोगी, निरन्तर सहज योगी, निरन्तर मुक्त आत्मा के संस्कार अभी से अनुभव में लाने हैं।