04-10-2026     प्रात:मुरली  ओम् शान्ति 31.12.2011 "बापदादा"    मधुबन


नये वर्ष में तीव्र पुरुषार्थी भव के वरदान द्वारा अपने चेहरे से फरिश्ता रूप दिखाओ, लाइट माइट स्वरूप ज्वालामुखी योग से व्यर्थ को जलाओ, दु:खी अशान्त आत्माओं को शक्तियों का दान दो


वरदान:-
सर्व खाते और रिश्ते एक बाप से रखने वाले डबल लाइट फरिश्ता भव

डबल लाइट फरिश्ता बनने के लिए देह के भान से भी परे रहो क्योंकि देह भान मिट्टी है, यदि इसका भी बोझ है तो भारीपन है। फरिश्ता अर्थात् अपनी देह के साथ भी रिश्ता नहीं। बाप का दिया हुआ तन भी बाप को दे दिया। अपनी वस्तु दूसरे को दे दी तो अपना रिश्ता खत्म हुआ। सब हिसाब-किताब, सब लेन-देन बाप से बाकी सब पिछले खाते और रिश्ते खत्म - ऐसे सम्पूर्ण बेगर ही डबल लाइट फरिश्ते हैं।

स्लोगन:-
अपनी विशेषताओं को प्रयोग में लाओ तो हर कदम में प्रगति का अनुभव करेंगे।

ये अव्यक्त इशारे - परोपकार की भावना से सम्पन्न बन अपकारी पर भी उपकार करो

किसी भी आत्मा से कुछ ले करके देने की इच्छा न हो, संकल्प में भी यह न आये कि यह करे तो मैं करुँ, यह बदले तो मैं बदलूँ, कुछ वह बदले, कुछ मैं बदलूँ.... भिखारी को भी मालामाल बनाने वाला - अपकारी के ऊपर उपकार करने वाला ही परोपकार की भावना से सम्पन्न है।