07-07-2024     प्रात:मुरली  ओम् शान्ति 11.11.20 "बापदादा"    मधुबन


सम्पूर्णता की समीपता द्वारा प्रत्यक्षता के श्रेष्ठ समय को समीप लाओ


वरदान:-
सफल करने की विधि से सफलता का वरदान प्राप्त करने वाले वरदानी मूर्त भव

संगमयुग पर आप बच्चों को वर्सा भी है तो वरदान भी है कि सफल करो और सफलता पाओ''। सफल करना है बीज और सफलता है फल। अगर बीज अच्छा है तो फल नहीं मिले यह हो नहीं सकता। तो जैसे दूसरों को कहते हो कि समय, संकल्प, सम्पत्ति सब सफल करो। ऐसे अपने सर्व खजानों की लिस्ट को चेक करो कि कौन सा खजाना सफल हुआ और कौन सा व्यर्थ। सफल करते रहो तो सर्व खजानों से सम्पन्न वरदानी मूर्त बन जायेंगे।

स्लोगन:-
परमात्म अवार्ड लेने के लिए व्यर्थ और निगेटिव को अवाइड करो।