08-09-2026 प्रात:मुरली ओम् शान्ति "बापदादा" मधुबन
“मीठे बच्चे - तुम्हारा अभी ईश्वरीय न्यू ब्लड है, तुम्हें
बड़ी मस्ती में भाषण करना चाहिए, नशा रहे शिवबाबा हमें पढ़ा रहे हैं''
प्रश्नः-
तुम्हें अपनी
एम आब्जेक्ट का नशा स्थाई बना रहे, उसके लिए कौन सी युक्ति अपनाओ?
उत्तर:-
अपना राजाई
पासपोर्ट निकाल कर रखो। नीचे साधारण चित्र, ऊपर राजाई पोशाक से सजा सजाया और उसके
ऊपर शिवबाबा, तो एम आब्जेक्ट की स्मृति सहज रहेगी। पॉकेट में यह पासपोर्ट पड़ा रहे।
जब कभी माया के तूफान आयेंगे तो ख्याल चलेगा कि अब हमारा यह पासपोर्ट तो कैन्सिल हो
जायेगा। हम स्वर्ग में जा नहीं सकेंगे।
गीत:-
रात के राही
थक मत जाना.....
धारणा
के लिए मुख्य सार:-
1)
हर एक के प्रति शुभ भावना रखनी है। सबको सच्चा मान देना है। सतयुगी राजधानी में ऊंच
पद पाने के लिए तदबीर करनी है।
2) आत्म-अभिमानी बनने
की मेहनत करनी है। मानव मत छोड़ एक की श्रीमत पर चलना है। पढ़ाई के नशे में रहना
है।
वरदान:-
सर्व आत्माओं
के पतित संकल्प वा वृत्तियों को भस्म करने वाले मास्टर ज्ञान सूर्य भव
जैसे सूर्य अपनी किरणों
से किचड़ा, गंदगी के कीटाणु भस्म कर देता है। ऐसे जब आप मास्टर ज्ञान सूर्य बनकर
कोई भी पतित आत्मा को देखेंगे तो उनका पतित संकल्प, पतित वृत्ति वा दृष्टि भस्म हो
जायेगी। पतित-पावनी आत्मा पर पतित संकल्प वार नहीं कर सकता। पतित आत्मायें
पतित-पावनियों पर बलिहार जायेंगी। इसके लिए माइट हाउस अर्थात् मास्टर ज्ञान सूर्य
स्थिति में सदा स्थित रहो।
स्लोगन:-
अपने धारणा
स्वरूप से योगी जीवन का प्रभाव डालना - यह बहुत बड़ी सेवा है।
अव्यक्त इशारे - अब
अपने दाता स्वरूप को प्रत्यक्ष करो
जैसे गायन है कि
भाग्य-विधाता बाप ने बह्मा द्वारा भाग्य बांटा, तो जो ब्रह्मा का काम, वह ब्राह्मणों
का काम। दुनिया वाले कपड़ा बांटेंगे, अनाज बाटेंगे, पानी बाटेंगे लेकिन श्रेष्ठ
भाग्य तो आप भाग्य विधाता के बच्चे ही बाँट सकते हो। जिसे भाग्य प्राप्त हो जाए उसे
सब कुछ प्राप्त हो जाता है इसलिए भाग्य बांटने में फ्राखदिल बनो।