15-09-2026        प्रात:मुरली    ओम् शान्ति     "बापदादा"        मधुबन


“मीठे बच्चे - तुम अपनी तकदीर भविष्य नई दुनिया के लिए बना रहे हो, यह तुम्हारा राजयोग है ही नई दुनिया के लिए''

प्रश्नः-
तकदीरवान बच्चों की मुख्य निशानियां क्या होंगी?

उत्तर:-
1. तकदीरवान बच्चे कायदेसिर श्रीमत पर चलेंगे। कोई भी कायदे के विरुद्ध कार्य करके अपने को वा बाप को ठगेंगे नही। 2. उन्हें पढ़ाई का पूरा-पूरा शौक होगा। समझाने का भी शौक होगा। 3. पास विद् ऑनर बन स्कॉलरशिप लेने का पुरुषार्थ करेंगे। 4. कभी किसी को दु:ख नहीं देंगे। कभी कोई उल्टा कर्म नहीं करेंगे।

गीत:-
तकदीर जगाकर आई हूँ...

धारणा के लिए मुख्य सार:-
1) कोई भी कार्य श्रीमत के विरुद्ध नहीं करना है। पढ़ाई अच्छी रीति पढ़कर ऊंच तकदीर बनानी है। किसी को भी दु:ख नहीं देना है।

2) इस पुरानी दुनिया से ममत्व मिटा देना है। बुद्धियोग नई दुनिया से लगाना है। खुशी में रहने के लिए ज्ञान को धारण कर दूसरों को धारण कराना है।

वरदान:-
सोचना, बोलना और करना तीनों को समान बनाने वाले सर्वोत्तम पुरषार्थी भव

सभी शिक्षाओं का सार है - कि कोई भी कर्म से देखने, उठने, बैठने-चलने सोने से फरिश्तापन दिखाई दे, हर कर्म में अलौकिकता हो। कोई भी लौकिकता कर्म वा संस्कारों में न हो। सोचना, करना, बोलना सब समान हो। ऐसे नहीं कि सोचते तो थे कि यह न करें लेकिन कर लिया। जब तीनों ही एक समान और बाप समान हो तब कहेंगे श्रेष्ठ वा सर्वोत्तम पुरषार्थी।

स्लोगन:-
जिम्मेवारी उठाना अर्थात् एकस्ट्रा दुआओं का अधिकारी बनना।

ये अव्यक्त इशारे - अब अपने दाता स्वरूप को प्रत्यक्ष करो

वर्तमान समय सर्व आत्माओं को शान्ति और शक्ति की ही आवश्यकता है। अपनी शक्तिशाली शान्त मन्सा द्वारा आत्माओं को मन के शान्ति का अनुभव कराओ। वाणी और मन्सा दोनों सेवायें साथ-साथ करो। विश्व महाराजन् को विश्व का दाता कहते हैं। तो जब आप अभी सबको सुख शान्ति और शक्ति का दान देंगे तब तो सभी सुखदाता मानेंगे।