16-03-2025 प्रात:मुरली ओम् शान्ति 05.03.2004 "बापदादा" मधुबन
“कमजोर संस्कारों का
संस्कार कर सच्ची होली मनाओ तब संसार परिवर्तन होगा''
वरदान:-
संकल्प और बोल
के विस्तार को सार में लाने वाले अन्तर्मुखी भव
व्यर्थ संकल्पों के
विस्तार को समेट कर सार रूप में स्थित होना तथा मुख के आवाज के व्यर्थ को समेट कर
समर्थ अर्थात् सार रूप में ले आना - यही है अन्तर्मुखता। ऐसे अन्तर्मुखी बच्चे ही
साइलेन्स की शक्ति द्वारा भटकती हुई आत्माओं को सही ठिकाना दिखा सकते हैं। यह
साइलेन्स की शक्ति अनेक रूहानी रंगत दिखाती है। साइलेन्स की शक्ति से हर आत्मा के
मन का आवाज इतना समीप सुनाई देता है जैसे कोई सम्मुख बोल रहा है।
स्लोगन:-
स्वभाव, संस्कार, सम्बन्ध, सम्पर्क में लाइट रहना अर्थात् फरिश्ता बनना।
अव्यक्त इशारे -
सत्यता और सभ्यता रूपी क्लचर को अपनाओ
सच्ची दिल वाले
सत्यवादी बच्चे, सत्यता की महानता के कारण सेकण्ड में बिन्दु बन बिन्दु स्वरूप बाप
को याद कर सकते हैं। सच्ची दिल वाले सच्चे साहेब को राज़ी करने के कारण, बाप की
विशेष दुआओं की प्राप्ति के कारण समय प्रमाण दिमाग युक्तियुक्त, यथार्थ कार्य स्वत:
करता है क्योंकि बुद्धिवानों की बुद्धि (बाप) को राज़ी किया हुआ है।
सूचनाः- आज
अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस तीसरा रविवार है, सायं 6.30 से 7.30 बजे तक सभी भाई बहिनें
संगठित रूप में एकत्रित हो योग अभ्यास में सर्व आत्माओं के प्रति यही शुभ भावना रखें
- कि सर्व आत्माओं का कल्याण हो, सर्व आत्मायें सत्य मार्ग पर चलकर परमात्म वर्से
का अधिकार प्राप्त कर लें। मैं बाप समान सर्व आत्माओं को मुक्ति जीवनमुक्ति का
वरदान देने वाली आत्मा हूँ।