30-06-2026        प्रात:मुरली    ओम् शान्ति     "बापदादा"        मधुबन


“मीठे बच्चे - इस समय तुम बाप के ऊपर बलिहार जाओ तो 21 जन्मों के लिए तुम सदा सुखी बन जायेंगे''

प्रश्नः-
ज्ञानी बच्चों को अपनी अवस्था ठीक रखने के लिए कौन सी आदत पक्की डालनी चाहिए?

उत्तर:-
सवेरे-सवेरे उठने की। सवेरे-सवेरे उठकर बाबा की याद में बैठना - यह बहुत अच्छी धारणा है। जो बच्चे जल्दी सोते और जल्दी उठ जाते उनकी अवस्था सारा दिन ठीक रहती है। अज्ञानियों की नींद से ज्ञानी बच्चों की नींद आधी होनी चाहिए। 10 बजे सो जाओ 2 बजे उठकर बैठो।

गीत:-
मुझको सहारा देने वाले....

धारणा के लिए मुख्य सार:-
1) 21 जन्म सदा सुखी बनने के लिए एक बाप पर पूरा-पूरा बलिहार जाना है। श्रीमत से श्रेष्ठ बनना है। मनमत वा परमत को त्याग देना है। कोई अवज्ञा नहीं करनी है।

2) सवेरे-सवेरे उठकर याद में बैठ कमाई करनी है। सृष्टि को स्वर्ग बनाने की सर्विस कम से कम 8 घण्टा जरूर करनी है।

वरदान:-
समय और संकल्प सहित अपने सर्व खजानों को विल करने वाले मोहजीत भव

जैसे बच्चे को सब कुछ विल किया जाता है, ऐसे आप लोग भी बाप को अपना वारिस बनाकर सब कुछ विल कर दो तो विल पावर आ जायेगी। इस विल पावर से मोह स्वत: नष्ट हो जायेगा। जैसे साकार बाप ने पूरा ही अपने को विल किया वैसे आप लोगों की जो स्मृति है, समय और संकल्पों का खजाना है उसे विल करो अर्थात् श्रीमत प्रमाण सेवाओं में लगाओ तो मोहजीत, बन्धनमुक्त बन जायेंगे।

स्लोगन:-
एक दो का स्नेही बनने के लिए सरलता और सहनशीलता का गुण धारण करो।

ये अव्यक्त इशारे - सदा हर्षित रहने के लिए अपनी नेचर को सरल बनाओ, सहनशील बनो।

बापदादा का वरदान है सदा खुश रहो, खुशी का खजाना बांटो, खुशी की लहर सर्व में फैलाओ। आपके चेहरे पर सदा खुशी की मुस्कराहट चमकती रहे। ऐसे हर्षित मुख रहो। इसके लिए बोल में मधुरता, सन्तुष्टता, सरलता की नवीनता अवश्य हो। ब्राह्मण आत्माओं के बोल साधारण बोल न हों। हर कर्म में ऐसी नवीनता हो जो हर एक उससे प्राप्ति का अनुभव करे।